कांच की बोतल में चारपाई लेकर कलक्टर के पास पहुंच गया ये शख्स, जादू है या कला? जानें हकीकत

कांच की बोतल में चारपाई लेकर कलक्टर के पास पहुंच गया ये शख्स, जादू है या कला? जानें हकीकत

राजस्थान के बाड़मेर जिले के एक छोटे से गांव में रहने वाला शख्स जिला कलक्टर के पास सवा चार बोतलें यानी 4 बोतल और एक पउआ पव्वा लेकर पहुंच गया। इन सभी बोतलों के अंदर चारपाई दिखाई दे रही थी। पहली नजर में लोग इसे किसी प्रकार का जादू मान रहे थे, लेकिन शख्स का कहना है कि वह उनकी कलाकारी है। उनकी ये कला दुनियाभर तक पहुंचे, इसके लिए कलक्टर के पास आर्थिक मदद के लिए आए हैं।

वाकई इस कलाकार की कला को देख लोग दातों तले अंगुली दबाने पर मजबूर हो गए। नाम है भैंराराम। जी हां, बाड़मेर जिले के चोखला गांव निवासी भैंराराम ज्यादा पढ़े लिखे नहीं हैं, लेकिन इनकी कला को देख हर कोई भौंचक्का रह जाता है।

बता दें कि भैंराराम अपने दोनों पैरों से दिव्यांग हैं और वह इज्जत के साथ जीवन बिताना चाहते हैं। परिवार से अलग भैंराराम अपनी वृद्ध मां के साथ रहते हैं। महंगाई के इस दौर में दो लोगों का पेट पालना इतना आसान नहीं है। इसीलिए भैंराराम सरकार से आर्थिक सहायता की गुहार लगाने पहुंचे। भैंराराम अपने साथ सवा 4 बोतल लेकर कलक्ट्रेट पहुंचे तो देखने वालों की भीड़ जमा हो गई।

ये है कला :

भैंराराम चारपाई बनाने की कला में माहिर हैं। अब आप सोच रहे होंगे कि चारपाई बनाना कौन सा बड़ा काम हैं? मगर यही काम कांच की बोतल के अंदर किया जाए तो हुई न कमाल की बात। भैंराराम किसी भी प्रकार की कांच की बोतल में हाथ से चारपाई बना सकते हैं। यही उनकी कला है।

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पहले लोग सोचते थे..

पहले लोग सोचते थे कि भैंराराम कांच की बोतल को तोड़कर उसके अंदर चारपाई को रख देते हैं और बाद में कांच की बोतल को चिपका देते हैं, लेकिन जब इन बोतलों की छानबीन की गई तो उसमें ऐसा कुछ नजर नहीं आया। भैंराराम का दावा है कि वह बोतल के अंदर ही चारपाई बना देते हैं।

रात के समय बनानी पड़ती है :

भैंराराम का कहना है कि जब से वह सोशल मीडिया पर आए हैं तब से लोग उनकी कला को देखने के उत्सुक हैं। ऐसे में आसपास के लोग भी उनके घर आकर ये देखते हैं कि वह किस तरह से चारपाई बनाते हैं। परंतु भैंराराम अपनी इस कला को उजागर नहीं करना चाहते। इसलिए वह रात को करीब 10-11 बजे के बाद ही चारपाई बनाना शुरू करते हैं।

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इस तरह बनाते हैं चारपाई :

उन्होंने बताया कि एक चारपाई को बनाने में उन्हें करीब 3 से 4 दिन का वक्त लगता है। चारपाई बनाने में वह अमूमन नीम की लकड़ी का प्रयोग करते हैं। इसके लिए वह कोई ज्यादा औजार इस्तेमाल नहीं करते। चाकू की मदद से लकड़ी को छीलने एवं चारपाई बनाने का काम करते हैं। उसके बाद अपनी स्पेशल सुई के माध्यम से बोतल के अंदर ही इस शानदार चारपाई को बनाते हैं।

ये है कीमत :

इस शानदार चारपाई की कीमत केवल 150 से 200 रुपए है। ऐसे में अब भैंराराम के पास इनकी बुकिंग आना भी शुरू हो चुकी हैं। उनका कहना है कि एक-एक व्यक्ति चार से पांच चारपाई के ऑर्डर देता है। ऐसे में गांव के अंदर एक साथ इतनी बोतलों की आपूर्ति करना मुश्किल हो जाता है।

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