महिला हॉकी टीम की इस धुरंधर खिलाड़ी ने ​अचानक से क्यों कहा अलविदा!

महिला हॉकी टीम की इस धुरंधर खिलाड़ी ने ​अचानक से क्यों कहा अलविदा!

भारतीय महिला हॉकी फैंस के लिए नए साल में एक झटका लगा है। टीम की डिफेंडर सुनीता लाकड़ा ने इंटरनेशनल हॉकी को अलविदा कह दिया है। काफी समय से घुटने की इंजरी से परेशान होने के कारण उन्होंने इंटरनेशनल हॉकी से अपने रिटायरमेंट की घोषणा की है। इस खबर की पुष्टि हॉकी इंडिया ने अपनी वेबसाइट पर स्टेटमेंट के ​जरिए की है।

सुनीता ने अपने स्टेटमेंट में कहा है कि यह उनके लिए बहुत भावुक दिन है क्योंकि आज उन्होंने इंटरनेशनल हॉकी से रिटायरमेंट लेने का फैसला किया है। इंडियन वुमन हॉकी टीम के साथ 2008 से चली आ रही उनकी जर्नी बहुत अच्छी रही है। इस सफर में बहुत उतार चड़ाव आए पर सबने एक होकर, हिम्मत के साथ उनका सामना कर, देश के लिए बड़े कीर्तिमान हासिल किए।

2016 रियो ओलंपिक्स में भारतीय टीम का हिस्सा रह चुकी सुनीता ने उसके बारे में अपना एक्सपीरियंस भी शेयर किया है। उन्होंने कहा कि वो बहुत खुशनसीब है क्योंकि उन्हें 2016 में हुए रियो ओलंपिक खेलने का अवसर मिला। जिसमें तीन दशक में पहली बार भारतीय महिला टीम ने शिरकत की थी। लेकिन घुटने की चोटों ने उनका टोक्यो ओलंपिक्स में भारतिय टीम की तरफ से खेलने का सपना तोड़ दिया है।

ये कारण रहे :

सुनीता ने अपनी चोटों को रिटायरमेंट के पीछे का कारण बताया। उन्होंने बताया की डॉक्टरों ने इसके लिए आने वाले दिनों में एक और सर्जरी करवाने को कहा है। जिससे पूरी तरह उबरने में उन्हें पता नहीं कितना समय लगेगा। साथ ही सुनीता ने कहा कि सर्जरी से उबरने के बाद वह घरेलू हॉकी में खेलना जारी रखेंगी। अंत में सुनीता ने परिवार के साथ टीम के साथियों, हॉकी इंडिया और मुख्य कोच सोर्ड मारिने का शुक्रिया अदा किया।

ये रहा योगदान :

आपको बता दें कि सुनीता महिला हॉकी टीम की तरफ से 2008 से खेल रही है। भारत के लिए उन्होंने 139 मैच खेले हैं। जिसमें 2014 में हुए एशियाई खेलों में उनकी टीम ने कांस्य पदक जीता था। उनके अलावा 2018 की एशियाई चैम्पियंस ट्रॉफी के दौरान सुनीता ने भारतीय टीम की कप्तानी भी संभाली थी, जिसमें उनकी टीम को दूसरा स्थान हासिल हुआ था।

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