एडवोकेट गोवर्धन सिंह को पुलिस ने क्यों किया अरेस्ट?

एडवोकेट गोवर्धन सिंह को पुलिस ने क्यों किया अरेस्ट?

जयपुर. राजस्थान हाई कोर्ट High Court के वकील और आरटीआई RTI एक्टिविस्ट गोवर्धन सिंह (advocate goverdhan singh) को जयपुर की सदर पुलिस (jaipur police) ने कल हाई कोर्ट के मुख्य द्वार से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी की ये खबर सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गई।

क्या है पूरा मामला

एडवोकेट गोवर्धन सिंह की गिरफ्तारी के बाद सदर थाने के बाहर वकीलों की भीड़ जमा हुई तो पुलिस प्रशासन को प्रेस कॉन्फ्रेंस करनी पड़ी। एडिशनल पुलिस कमिश्नर अजय पाल लांबा ने प्रेस को संबोधित करते हुए बताया कि 3 अप्रैल 2020 को लॉकडाउन के दौरान एडवोकेट गोवर्धन सिंह की गाड़ी को खासा कोठी सर्किल के पास तत्कालीन एसीपी सदर डॉ. संध्या यादव द्वारा रोका गया। लॉकडाउन के दौरान बिना अनुमति के गाड़ी लेकर घूमने पर प्रतिबंध था। इस दौरान वकील गोवर्धन सिंह एसीपी डॉ. संध्या यादव से उलझ गया। इसके बाद संध्या यादव ने सदर थाने में एडवोकेट गोवर्धन सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।

महिला अफसर संध्या यादव ने आरोप लगाया कि एडवोकेट गोवर्धन सिंह ने उन्हें आपत्तिजनक तरीके से देखते हुए अभद्र भाषा का प्रयोग किया। साथ ही देख लेने की धमकी दी। डॉ. संध्या यादव ने यह भी आरोप लगाया कि एडवोकेट गोवर्धन सिंह ने सोशल मीडिया के फेसबुक पेज पर महिला गरिमा के विरुद्ध आपत्तिजनक एवं व्यक्तिगत टिप्पणियां करते हुए अभद्र भाषा का प्रयोग किया। अलग-अलग दिन सोशल मीडिया पर ऐसी आपत्तिजनक पोस्टें वायरल की।

पुलिस जांच में पाया दोषी

इस पूरे मामले की जांच पुलिस के चार अलग-अलग अफसरों ने की और सभी ने अपनी जांच में एडवोकेट गोवर्धन सिंह को दोषी माना है। हाईकोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाई हुई थी। 27 अप्रैल बुधवार को जैसे ही गिरफ्तारी से रोक हटी तो पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। हालांकि इस गिरफ्तारी के पीछे भी कई रहस्य बताए जा रहे हैं। जिनका खुलासा आने वाले वक्त में ही हो पाएगा।

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