राजस्थान के इन 3 कोरोना पॉजिटिव मरीजों को प​कड़ने में प्रशासन को ​क्यों आया पसीना?

राजस्थान के इन 3 कोरोना पॉजिटिव मरीजों को प​कड़ने में प्रशासन को ​क्यों आया पसीना?

जयपुर के आमेर में रविवार को दो नाईजीरियन मूल के कोरोना पॉजिटिव छात्रों ने मेडिकल टीम और पुलिस प्रशासन के पसीने छुड़ा दिए। करीब 3 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दोनों छात्रों का पता चल पाया। ये दोनों ही छात्र चंदवाजी स्थित प्रताप यूनिवर्सिटी में पढ़ते हैं। इनमें से एक छात्र कुंडा स्थित पत्रिका कॉलोनी और दूसरा प्रताप यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में रह रहा था। प्रशासन ने इन छात्रों के संपर्क में आए करीब 27 स्टूडेंट्स को होम क्वारेंटाइन कर दिया है।

ये था मामला :

आमेर सीएचसी प्रभारी आरके शर्मा और मानपुरा माचेड़ी सीएचसी प्रभारी संजय गोयल ने बताया कि रविवार को इन दोनों छात्रों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के निर्देश पर डॉ. संजय गोयल के नेतृत्व में चिकित्सा विभाग की टीम यूनिवर्सिटी के हॉस्टल पहुंची जहां छात्र का कमरा बंद मिला। पूछताछ की तो पता चला कि वह दो दिन पहले अपने दोस्त के साथ जयपुर चला गया।

इसके बाद कुंडा स्थित छात्र के यहां डॉ. आरके शर्मा की टीम पहुंची तो वहां पर भी कोई नहीं मिला। दोनों छात्रों के मोबाइल पर कॉल किया तो वह भी बंद आए। ऐसे में प्रशासन के हाथ पैर फूल गए। करीब 3 घंटे के बाद जयपुर के अपेक्स हॉस्पिटल में दोनों के भर्ती होने की सूचना मिली। तब कहीं जाकर प्रशासन की जान में जान आई। उसके बाद दोनों को यहां से आरयूएचएस में भर्ती करवाया गया।

जब नदबई प्रशासन में मचा हडकंप :

ऐसा ही एक मामला भरतपुर जिले की नदबई तहसील से सामने आया। जहां हाट बाजार निवासी एक मणिहार की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद प्रशासन में खलबली मच गई। बता दें कि दो तीन पहले जमील नाम के इस व्यक्ति ने अपने बेटे के साथ कोरोना का सैंपल दिया था। जिसमें रविवार को बेटे की रिपोर्ट नेगेटिव आई, लेकिन जमील की रिपोर्ट पॉजिटिव निकली। जब चिकित्सा विभाग की टीम हाट बाजार स्थित उसके घर पहुंची तो वह व्यक्ति घर पर नहीं मिला।

पूछताछ में पता चला कि वह किसी गांव में चूड़ी पहनाने गया है। यह सुनते ही प्रशासन के हाथ पैर फूल गए। तुरंत प्रभाव से प्रशासन ने टीम बनाकर प्राप्त जानकारी के अनुसार गांवों में जाकर जमील को ढूंढ़ निकाला। फिलहाल उससे पूछताछ कर पिछले दिनों मिले लोगों की एक लिस्ट बनाई जा रही है। ताकि प्रशासन उसके संपर्क में आए लोगों को क्वारेंटाइन करा सके और उन पर नजर रख सके। बताया जा रहा है कि सैंपल देने के बाद भी वह कई गांव में जाकर शादियों के चलते चूड़ी पहनाकर आ चुका है।

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