कौन रखता है ‘तूफानों’ के नाम? जानें कैसे पड़ा चक्रवात ‘यास’ का नाम

कौन रखता है ‘तूफानों’ के नाम? जानें कैसे पड़ा चक्रवात ‘यास’ का नाम

पश्चिम में ‘ताउते’ चक्रवात Cyclone Tauktae के बाद अब पूर्वी भारत में ‘यास’ Yaas का खतरा मंडरा रहा है। मौसम विभाग IMD चक्रवात यास Cyclone Yaas को लेकर पहले ही चेतावनी जारी कर ​चुका है, लेकिन एक और सवाल है जो हर किसी के मन में जरूर उठता होगा। वो ये ​कि आखिर इन तूफानों के ‘नाम’ रखता कौन है? चूंकि कई बार इन चक्रवातों के नाम देखकर या सुनकर अटपटा सा लगता है। तो चलिए आज इस बारे में आपको बताते हैं।

कब हुई शुरुआत?

हाल ही में आए चक्रवात ताउते की बात करें तो इसका नाम म्यांमार ने दिया था। वहीं अब जो यास तूफान आया है, इसका नामकरण किया है ओमान ने।भारत की बात करें तो यहां तूफानों को नाम देने का चलन साल 2004 में शुरू हुआ था। तब भारत, श्रीलंका, मालदीव, बांग्लादेश, म्यांमार, पाकिस्तान, थाइलैंड और ओमान ने मिलकर चक्रवात/तूफानों को नाम देने का एक फॉर्मूला बनाया।

ऐसे दिया जाता है नाम Know how cyclones get these names

भारत समेत इन 7 देशों ने अपनी-अपनी ओर से कुछ नामों की एक लिस्ट जैव मौसम विज्ञान संस्थान को दी हुई है। इस लिस्ट में भारत ने अग्नि, आकाश, बिजली, मेघ और सागर जैसे नाम दिए हुए हैं। वहीं पाकिस्तान की ओर से भेजी गई लिस्ट में नीलोफर, तितली और बुलबुल जैसे नाम ​शामिल हैं। तूफान आने पर इन्हीं 8 देशों की ओर से भेजे गए नामों में से बारी-बारी किसी एक नाम को चुना जाता है। इस बार नाम देने की बारी ओमान की थी और उसने ‘यास’ नाम दिया। बता दें कि 10 साल से पहले किसी भी नाम को रिपीट नहीं किए जाने का भी नियम है।

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