अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव : आखिर भारतीय मतदाताओं को ही लुभाने में क्यों लगी हैं दोनों पार्टियां

अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव : आखिर भारतीय मतदाताओं को ही लुभाने में क्यों लगी हैं दोनों पार्टियां

अमेरिका में होने वाले राष्ट्रपति चुनावों में अब कुछ ही महीने शेष हैं। ऐसे में दोनों ही पार्टियां अमेरिका में रहने वाले भारतीय मतदाताओं को लुभाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही हैं। बता दें कि अमेरिका के कई अहम राज्यों में भारतीय समुदाय का एक बड़ा हिस्सा निवास करता है। जिनको लेकर डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता तो यहां तक कह चुके हैं कि इन राष्ट्रपति चुनावों में भारतीय मूल के लोग ‘गेम चेंजर’ साबित हो सकते हैं।

डेमोक्रेटिक राष्ट्रीय समिति के अध्यक्ष थॉमस पेरेज के अनुसार पिछले राष्ट्रपति चुनावों में हिलेरी क्लिंटन की हार का कारण भारतीय समुदाय वाले तीन राज्य थे। जहां से क्लिंटन को भारी मतों से हार का सामना करना पड़ा था। बता दें कि इन तीन अहम राज्यों में मिशिगन, विस्कॉन्सिन और पेंसिल्वेनिया शामिल हैं।

थॉमस पेरेज की मानें तो मिशिगन में करीब 1.25 लाख और पेंसिल्वेनिया में 1.56 लाख भारतीय-अमेरिकी मतदाता हैं। पेंसिल्वेनिया में पिछले राष्ट्रपति चुनावों में हिलेरी को 43 ​हजार वोटों से हार का सामना करना पड़ा था। हालांकि इनके अलावा और भी कई जगह ऐसी हैं जहां बड़ी संख्या में भारतीय आबादी रहती है।

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