हिमाचल पीपीई किट घोटाले में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष का इस्तीफा, स्वास्थ्य निदेशक भी गिरफ्तार

हिमाचल पीपीई किट घोटाले में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष का इस्तीफा, स्वास्थ्य निदेशक भी गिरफ्तार

देश में कोरोना अपने चरम पर है। ऐसे में कोरोना को लेकर प्रदेशों में हुए घोटालों की पोल खुलना भी शुरू हो गया है। पहला बड़ा खुलासा हिमाचल प्रदेश से सामने आया है। जहां पीपीई किट की Himachal PPE Kit Scam खरीद में करोड़ों के घोटाले की बात कही जा रही है। इससे पहले यूपी सरकार में भी घटिया पीपीई किट खरीद मामले की जांच चल रही है। वहीं राजस्थान के गंगानगर में भी फेस शील्ड मामले में अस्पताल प्रशासन पर सवाल उठ चुके हैं। बुधवार को बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल के इस्तीफे के बाद से मामले ने तूल पकड़ लिया है।

क्या है हिमाचल का पीपीई किट घोटाला :

पीपीई किट घोटाले के मामले में बाहर आई ऑडियो क्लिप ने हिमाचल की राजनीति में तहलका मचा दिया है। इस कथित ऑडियो क्लिप में करोड़ों के लेनदेन की बात कही जा रही है। हिमाचल सरकार के बाद अब बीजेपी पर भी इसके आरोप लगने शुरू हो गए हैं। यही कारण है कि यह मामला पीएमओ तक पहुंच गया है। ऐसे में हिमाचल बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष के पद से राजीव बिंदल के इस्तीफा देने से मामला और गंभीर हो गया है।

आपको बता दें स्वास्थ्य निदेशक अजय गुप्ता को इस मामले में पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। विजिलेंस विभाग मामले की तहकीकात में लगा हुआ है। 5 दिन की रिमांड के बाद आज अजय गुप्ता को कोर्ट में पेश किया गया था। आपको बता दें कि विजिलेंस विभाग की टीम ने स्वास्थ्य निदेशक को 5 लाख रुपए की रिश्वत के आरोप में गिरफ्तार किया था।

बिंदल ने जेपी नड्डा को भेजा इस्तीफा :

राजीव बिंदल Rajeev Bindal ने अपने इस्तीफे में लिखा है कि बीते दिनों स्वास्थ्य निदेशक की ​कथित ऑडियो क्लिप के वायरल होने के बाद सरकार ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। विजिलेंस विभाग इस मामले की जांच कर रहा है, लेकिन इस बीच कुछ लोग बीजेपी की तरफ भी उंगलियां उठा रहे हैं। वह बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हैं और वह चाहते हैं कि मामले की पूरी निष्पक्ष जांच हो। इसलिए उच्च नैतिक मूल्यों के आधार पर वह अपना इस्तीफा सौंप रहे हैं।

अध्यक्ष के इस्तीफे का कारण :

मामला जब से पीएओ पहुंचा है। उसके बाद ही हिमाचल प्रदेश अध्यक्ष ने अपना इस्तीफा सौंपा है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या केंद्र के दबाब के चलते बिंदल ने यह फैसला किया है? बताया ये भी जा रहा​ कि पीएमओ तक यह जानकारी पहुंचाने वाले भी सरकार के लोग ही बताए जा रहे हैं।

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