चिकित्सा विभाग की बड़ी लापरवाही, अब मरीजों पर न पड़ जाए भारी

चिकित्सा विभाग की बड़ी लापरवाही, अब मरीजों पर न पड़ जाए भारी

– कोरोना पेशेंट्स के साथ ये कैसा नॉन कोविड SMS..

राजस्थान सरकार में शिक्षा विभाग के बाद अब स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आ रही है। चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा ने 1 जून से राज्य के सबसे बड़े सवाई मानसिंह अस्पताल SMS को नॉन कोविड करने की घोषणा करी थी। नॉन कोविड यानि एसएमएस अस्पताल में अब कोविड से संक्रमित व्यक्ति को न तो भर्ती किया जाएगा और न ही यहां पर उनका इलाज होगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

एसएमएस के आईडीएच एवं आइसोलेशन वार्ड में 3 जून को भी करीब 13 कोरोना पेशेंट्स भर्ती पाए गए। वहीं 2 जून को ही हॉस्पीटल के करीब 22 कोरोना वॉरियर्स की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आ चुकी है। ऐसे में किसी भी प्रकार की चूक हॉस्पीटल में आने वाले मरीजों पर भारी पड़ सकती है।

ये कैसा कोविड ​फ्री?

चिकित्सा मंत्री कह रहे हैं कि 1 जून से एसएमएस को कोविड फ्री कर दिया गया है। जबकि एसएमएस के आईडीएच एवं आइसोलेशन वार्ड में आज भी करीब 13 कोरोना मरीज मौजूद हैं। वहीं चरक भवन में भी आईएलआई ओपीडी एवं सस्पेक्टेड आॅब्जर्वेशन की सुविधाएं संचालित की जा रही हैं। ऐसे में अस्पताल को पूरी तरह से कोविड फ्री कहना उचित नहीं होगा।

बता दें कि एक दो​ दिन पहले ही ट्रोमा वार्ड में भी एक पेशेंट कोरोना पॉजिटिव आया था। उसके बाद अभी तक वहां के पूरे स्टाफ की कोरोना जांच नहीं हो सकी है। वहीं ऐसे वक्त में किसी प्रकार की चूक या लापरवारी हॉस्पीटल स्टाफ के अलावा सामान्य मरीजों पर भी भारी पड़ सकती है।

2 जून को ही पॉजिटिव आए वॉरियर्स :

एसएमएस में मंगलवार को ही दिन में 22 कोरोना वॉरियर कोरोना पॉजिटिव पाए गए। इसमें 10 वार्ड ब्वॉय, एक वार्ड लेडी, एक गर्ल्स हॉस्टल की स्वीपर, दो कम्प्यूटर ऑपरेटर, दो डीडीसी सहायक, एक मोटर वर्कर, एक गेयर हाउस वर्कर और दो गार्ड जांच में पॉजिटिव निकले। इनके अलावा 2 अन्य की रिपोर्ट भी पॉजिटिव मिली है।

चिकित्सा मंत्री कह रहे हैं :

चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा ने बताया कि शुरुआती दौर में कोरोना महामारी के प्रकोप को देखते हुए SMS अस्पताल में कोविड से संक्रमितों के लिए ओपीडी, आईपीडी एवं इमरजेंसी सेवाएं शुरू की गई थीं। लेकिन अब 1 जून से यहां दी जाने वाली सभी सेवाएं आरयूएचएस राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय प्रतापनगर में स्थानांतरित की जा रही हैं। विशेषज्ञ एवं समस्त स्टाफ वहां जाकर संक्रमितों को चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करा सकेंगे।

जबकि आदेशों में ये लिखा है :

30 मई को जारी एक आदेश में साफ तौर पर लिखा गया है कि कोरोना के गंभीर पेशेंट्स के लिए SMS में संक्रामक रोग चिकित्सालय आईडीएच पूर्व की भांति संचालित रहेगा। वहीं चरक में चल रही कोरोना से संबंधित सेवाएं कुछ दिन बाद फार्मेसी कॉलेज में स्थानांतरित कर दी जाएंगी। महिला चिकित्सालय सांगानेरी गेट वर्तमान की भांति स्त्री एवं प्रसूति कोविड मरीजों के लिए एवं जनाना अस्पताल नॉन कोविड मरीजों के लिए संचालित रहेगा।

ये रही आदेश की कॉपी

SMS के समस्त आचार्य एवं विभाध्यक्ष, नर्सिंग अधीक्षक, प्रभारियों एवं पैरामेडिकल प्रभारियों को निर्देशित किया जाता है कि 1 जून 2020 से सभी सेवाएं पूर्व की भांति संचालित किया जाना सुनिश्चित किया जाए एवं ‘सामान्य नॉन कोविड’ सेवाओं के ​बीच कोविड नियंत्रण कार्यक्रम से संबंधित सभी प्रकार के प्रोटोकॉल की पालना सुनिश्चित ​की जाए।

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