राजस्थान के जोधपुर में बड़ा विस्फोट, एक साथ बड़ी संख्या में पॉजिटिव आए मरीज

राजस्थान के जोधपुर में बड़ा विस्फोट, एक साथ बड़ी संख्या में पॉजिटिव आए मरीज

– भरतपुर में कोरोना रिपोर्ट्स को लेकर फिर उठे सवाल..

एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा ​था कि कोरोना का खतरा अभी टला नहीं है। आज सुबह चिकित्सा मंत्री ने कहा कि राजस्थान में कुल पॉजिटिव केसेस की संख्या 10,385 है। प्रदेश में 5 लाख से अधिक टेस्ट कर चुके हैं। ज्यादा टेस्ट होंगे तो पॉजिटिव मरीजों की संख्या भी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़ना चिंता की बात नहीं है।

क्योंकि हमारी रिकवरी रेट 73.24% है, जो देश में सर्वाधिक है। लेकिन शायद चिकित्सा मंत्री ये बताना भूल गए कि बाकी 26.76% मरीजों का क्या? क्या उनकी जान की कोई वैल्यू नहीं? क्योंकि इस तरह के संबोधन से यही प्रतीत होता दिख रहा है कि ड़रने की कोई चिंता नहीं है, सरकार 73.24 प्रतिशत लोगों को आराम से बचा पा रही है। आखिर यह कथन कहां तक उचित है और इसका मतलब क्या था ये तो चिकित्सा मंत्री ही जानें?

आज रविवार को प्रदेश में 262 मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। कल दूसरे नंबर पर रहे जोधपुर जिले में आज एक बड़ा विस्फोट देखने को मिला। वहीं भरतपुर कोरोना मरीजों के मामले में आज दूसरे नंबर पर रहा। जोधपुर से सर्वाधिक 81 मामले सामने आए वहीं भरतपुर में यह संख्या 63 की रही। राजधानी जयपुर में भी आज 38 केस दर्ज किए गए। इसी के साथ प्रदेश में रात 8.30 बजे तक कोरोना मरीजों का आंकड़ा 10 हजार 599 पर था।

कोरोना जांचों में फिर ​गड़बड़ :

भरतपुर निवासी श्रेष्ठ पुत्र ​कपिल की रिपोर्ट आज पॉजिटिव आई है। लेकिन इसमें श्रेष्ठ की ज्यादातर जान​कारियां गलत लिखी हुईं। श्रेष्ठ भरतपुर के जयंती नगर में र​हता है और उसका सैंपल 5 तारीख को लिया गया था। उसमें उसकी उम्र 5 साल लिखाई गई थी। और मोबाइल नंबर भी सही लिखवाए गए थे। लेकिन 6 जून को आई रिपोर्ट में श्रेष्ठ की उम्र 54 साल लिखी हुई है वहीं उसके मोबाइल नंबर भी गलत लिखे हुए हैं।

ऐसे में परिवार में रिपोर्ट को लेकर संशय बना हुआ है। उन्हें समझ नहीं आ रहा कि इसका पता कैसे लगाएं और किससे पूछताछ करें! वो कोई मंत्री तो हैं नहीं जो फोन करके तुरंत जानकारी कर सकें। बच्चे मां सहित पूरा परिवार परेशान है। अब मीडिया से उन्होंने गुहार लगाई है।

बता दें कि इस तरह की लापरवाही का यह पहला मामला नहीं है। खुद पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह इस तरह की लापरवाही का नमूना ट्वीटर पर दे चुके हैं। जब उन्होंने ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी कि उनके स्टाफ की रिपोर्ट नेगेटिव थी, लेकिन भरतपुर पहुंचते पहुंचते पॉजिटिव हो गई। जब उन्होंने एसएमएस में इस बात की ​पुष्टि की तो पता चला कि रिपोर्ट नेगेटिव ही थी। हाल ही में झालावाड़ जिले के झालरापाटन कस्बे के 3 युवकों की रिपोर्ट भी बगैर सैंपल दिए ही नेगेटिव आई थी।

जयपुर में आज 38 :

जानें प्रदेश में कहां कितने पॉजिटिव :

अजमेर — 365
अलवर — 83
बांसवाड़ा — 86
बारां — 59
बाड़मेर — 106
भरतपुर — 672
भीलवाड़ा — 170
बीकानेर — 110
बूंदी — 05
चित्तौड़गढ़ — 195
चूरू — 154
दौसा — 69
धौलपुर — 69
डूंगरपुर — 374
गंगानगर — 08
हनुमानगढ़ — 30
जयपुर — 2226
जैसलमेर — 74
जालौर — 169
झालावाड़ — 327
झुंझुनूं — 161
जोधपुर — 1843
करौली — 29
कोटा — 512
नागौर — 503
पाली — 591
प्रतापगढ़ — 14
राजसमंद — 162
सवाईमाधोपुर — 40
सीकर — 284
सिरोही — 200
टोंक — 175
उदयपुर — 587

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