भरतपुर के इस गांव में स्थित है ‘चेचक’ को शांत करने वाली ‘देवी’ का प्रसिद्ध मंदिर, अष्टमी को भरता है मेला..

भरतपुर के इस गांव में स्थित है ‘चेचक’ को शांत करने वाली ‘देवी’ का प्रसिद्ध मंदिर, अष्टमी को भरता है मेला..

अनिल चौधरी. भरतपुर में बयाना तहसील के अंतर्गत आने वाले ब्रह्मबाद गांव स्थित शीतला माता का मंदिर राजस्थान ही नहीं ​बल्कि पूरे देश में प्रसिद्ध है। सोमवार को यहां शुरू हुए मेले का उद्घाटन स्थानीय विधायक अमर सिंह ने विधिवत रूप से किया। गांव के सरपंच राजेन्द्र पाराशर ने सभी अतिथियों का माल्यार्पण व साफा पहनाकर स्वागत किया।

आपको बता दें कि हर साल चैत्र माह ही अष्टमी के दिन शीतलाष्टमी के ​नाम से देशभर में यह त्योहार मनाया जाता है। जिसमें शीतला माता की एक दिन पूर्व बनाए ठंडे पकवान, दही चावल आदि से विधिवत पूजा अर्चना की जाती है।

भरतपुर जिले के प्रमुख मेलों में एक सेढ़ मैया का मेला भी है जो कि ब्रह्मबाद गांव में लगता है। यह मेला अष्टमी से लेकर पूरे एक पखवाड़े तक चलता है। जिसमें लाखों की संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन करने पहुंचते ​हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार रबी की फसल कटने की खुशी में यह मेला आयोजित किया जाता है।

ausamachar : कुएं की पूजा करते श्रद्धालु

इस मेले की अधिष्ठात्री देवी माता शीतला को माना जाता है, जिसे चेचक के रोग से जोड़कर पूजन किया जाता है। क्षेत्र में ऐसी मान्यता है कि किसी को भी चेचक रोग की प्रारंभिक अवस्था में माता के दरबार मे स्थित कुएं के जल से चेहरा धुलवाने पर राहत मिलती है।

क्षेत्र के प्रमुख निवासी खारी गुर्जर समुदाय के लिए मेले का महत्व कुम्भ के मेले जैसा माना जाता है। पुराने समय से ही खारी गुर्जर समुदाय के लिए विवाह सगाई इत्यादि कार्यक्रम तय करने के लिए इसे आदर्श आयोजन माना जाता रहा है। एक पखवाड़े तक चलने वाले इस मेले में लाखों जातरू शीतला माता की आराधना करने के लिये आते हैं।

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