खुशखबरी: भारतीय कंपनी ग्लेनमार्क ने बनाई कोरोना की दवा, एक टैबलेट की कीमत 103 रुपए

खुशखबरी: भारतीय कंपनी ग्लेनमार्क ने बनाई कोरोना की दवा, एक टैबलेट की कीमत 103 रुपए

– 15 दिनों के ट्रीटमेंट के लिए मरीज को खर्चने होंगे करीब 6,695 रुपए..

भारतीय दवा कंपनी ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल्स मुंबई ने कोरोना सं​क्रमित मरीजों के इलाज के लिए एक एंटीवायरल दवा फेविपिराविर बनाई है। जिसको नाम दिया गया है ​फैबिफ्लू। जी हां, बाजार में यह दवा अब इसी नाम से मिलेगी और इसकी कीमत रखी गई है 103 रुपए। कंपनी ने शनिवार को इसके बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि कोरोना वायरस के हल्के संक्रमण के मरीजों पर इस दवा के बेहतर परिणाम देखे गए हैं।

ये है दवा का नियम :

फैबिफ्लू की एक टैबलेट 200 एमजी में उपलब्ध होगी। जिसका एक पत्ता 34 टैबलेट्स का होगा। जिसकी कीमत 3,500 रुपए होगी। इस दवाई का प्रयोग चिकित्सक की सलाह पर ही किया जाएगा। इसमें पहले दिन दवाई की 1800 एमजी की दो खुराक लेनी होगी। उसके बाद 14 दिन तक रोजाना 800 एमजी की दो खुराक लेनी होगी। यानि एक मरीज को कम से कम 2 पत्तों की आवश्यकता होगी। इस तरह से 15 दिनों का ये ट्रीटमेंट करीब 6,695 रुपए का पड़ेगा।

डीसीजीआई से मिली अनुमति :

ग्लेनमार्क फार्मास्युटिल्स के सीएमड़ी ग्लेन सल्दान्हा के अनुसार शुक्रवार को ही भारतीय औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) की ओर कंपनी को दवा बनाने एवं बेचने की अनुमति मिल गई थी। सल्दान्हा ने कहा कि ‘यह मंजूरी ऐसे समय में मिली है जबकि भारत में कोरोना वायरस के मामले पहले की तुलना में अधिक तेजी से बढ़ रहे हैं। इससे हमारी स्वास्थ्य सेवा प्रणाली काफी दबाव में है।’

कंपनी यहां बना रही दवा :

दवाई के उत्पादन को लेकर मुंबई की इस कंपनी का कहना है कि वह पहले माह में करीब 82,000 मरीजों के लिए यह दवा उपलब्ध करा पाएगी। इसके अलावा स्थिति को देखते हुए कंपनी दवाई की उत्पादन क्षमता में जल्द ही बढ़ोतरी करेगी। बता दें कि कंपनी का अंकलेश्वर में एक संयंत्र है जहां वह इस दवा के एक्टिव फार्मास्युटिकल इन्ग्रिडिएंट (एपीआई) का उत्पादन कर रही है। वहीं हिमाचल प्रदेश के सोलन में बद्दी नामक संयंत्र में इस दवा के फार्मूलेशन का उत्पादन किया जा रहा है। कंपनी के अनुसार यह दवा कोविड अस्पतालों के अलावा खुदरा मार्केट में भी उपलब्ध होगी।

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