78 दिन में देश में 2780 किसानों ने की आत्महत्या, अब मीडिया पर किसने खड़े किए सवाल, पढ़ें

78 दिन में देश में 2780 किसानों ने की आत्महत्या, अब मीडिया पर किसने खड़े किए सवाल, पढ़ें

सुशांत की राजपूत की मौत को कल 78 दिन हो गए। इन 78 दिनों में देश की रीढ़ की हड्डी माने जाने वाले करीब 2780 किसानों ने आत्महत्या कर अपनी जान दे दी। आखिर इस तरह की खबरें मीडिया से अछूती क्यों रही? जिन चैनलों की नींव गरीब, किसान, मजदूर के ​हक की लड़ाई, सत्ता से सवाल, भ्रष्टाचार और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर खड़ी होती है, एक समय के पश्चात वह अचानक से नदारद क्यों हो जाती है? पिछले कई दिनों से कृषि बिल 2020 को लेकर किसान लगातार विरोध जता रहे हैं। मगर मीडिया पर आज भी बॉलीवुड की खबरें हावी हैं।

न्यूज 24 के चीफ एडिटर संदीप चौधरी ने इसको लेकर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने इस मामले में एक ट्वीट कर कहा है कि ‘सुशांत सिंह की मौत को 78 दिन हुए, इन 78 दिनों मे 6080 हत्यायें, 6840 बलात्कार, 2780 किसानों ने आत्महत्या की। किसी मीडिया ने दिखाया?’ उन्होंने अपने ही एक अन्य ट्वीट में कहा है कि वह इसी तरह सच कहते एवं लिखते रहेंगे, चाहे सजा जो भी हो!

मीडिया में ट्रैक्टर बना मुद्दा :

बता दें कृषि बिल को लेकर सबसे पहले किसानों के समर्थन में अकाली दल की नेता हरसिमरत कौर ने इस्तीफा दिया था। उसके बाद कांग्रेस भी अब पूरी तरह से किसानों के साथ दिखने का कोई मौका नहीं छोड़ती नहीं दिख रही है। आज कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ओर से दिल्ली में इंडिया गेट के सामने एक ट्रैक्टर में आग लगाकर किसानों के समर्थन में प्रदर्शन किया। यहां भी मीडिया किसानों के मुद्दे को छोड़ जलाए गए ट्रैक्टर की जन्मकुंडली में लग गई। इस पर बीजेपी ने अपने हाथ सेकते हुए कहा कि ये वही ट्रैक्टर है जो पंजाब में प्रदर्शन के दौरान जलाया गया था।

बिल वापस ले सरकार :

किसान सरकार की ओर से लाए गए कृषि बिल 2020 का लगातार विरोध कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि ये 3 बिल किसान विरोधी हैं। अत: सरकार जल्द से जल्द इन्हें वापस ले। यदि सरकार ऐसा नहीं करती है तो उनका विरोध देशभर में जारी रहेगा। आज राजस्थान में भी पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने इस बिल के विरोध में केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला।

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